आंध्र प्रदेश में एक अत्यंत दुर्लभ चिकित्सा मामले की जानकारी सामने आई है, जहां एक महिला के पेट से सर्जरी द्वारा सामग्री निकाली गई, जिसमें १४ बॉलपॉइंट पेन, पांच लकड़ी के चम्मच और एक मोमबत्ती शामिल थी।
मरीज ने विशाखापटनम स्थित एक निजी अस्पताल में तीव्र पेट दर्द और पाचन संबंधी समस्याओं की शिकायत करते हुए प्रवेश लिया। स्कैन और इमेजिंग में उसके पेट के अंदर एक असामान्य प्रकार का बड़ा संकुचित समूह दिखा, जिसे देखकर डॉक्टरों ने आपरेशन का निर्णय लिया। जब शल्य चिकित्सा शुरू हुई, तो पेट के भीतर एक बहुत ही सघन और असामान्य संरचना देखने को मिली।
मुख्य शल्य चिकित्सक डಾ. रमेश बाबू ने बताया कि ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा गया था। उनका कहना है कि ये सभी वस्तुएं पचे हुए किसी भोजन या तरल पदार्थ में नहीं बल्कि एक संकुचित और बंधी हुई अवस्था में थीं, जो लंबे समय से पेट के अंदर रही हों।
डॉक्टरों के अनुसार, यह स्थिति पीका नामक मनोवैज्ञानिक विकार से जुड़ी हो सकती है। पीका रोगी अनभोज्य और असामान्य चीजों को निगलने की प्रवृत्ति रखते हैं। गंभीर तनाव, ऑब्सेसिव-कम्पल्सीव व्यवस्था, या मानसिक अस्थिरता की अवस्था में ऐसे रोगियों के व्यवहार अक्सर शारीरिक रूप से जानलेवा साबित होते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रिया मेनन ने स्पष्ट किया कि सर्जरी के बाद इस मरीज का आंतरिक मानसिक मूल्यांकन करना आवश्यक है। उन्हें नई दिल्ली स्थित एक विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य सुविधा में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां परिचित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार उनके लिए उपचार योजना तैयार की जाएगी।
अस्पताल के प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मरीज वर्तमान में गंभीर अवस्था में देखभाल में है। डॉक्टर उसकी निगरानी जारी रखे हुए हैं और पोस्ट-ऑपरेशन संक्रमण या अन्य जटिलताओं की सम्भावना को ध्यान में रखते हुए आवश्यक जांच कर रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऐसे ही दुर्लभ मामले सामने आए हैं। २०१६ में नई दिल्ली में एक किशोरी के पेट से १.८ किलोग्राम का बेज़ोयर निकला था, जिसमें बाल और पचे हुए भोजन का बड़ा संकुल शामिल था। यह मामला भी मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा पाया गया था।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि मनोवैज्ञानिक रोगियों की शारीरिक उपचारात्मक जांच पर्याप्त मात्रा में नहीं होती, जिससे ऐसे मामले अक्सर बहुत देर तक छिपे रह जाते हैं और तब पता चलता है जब स्थिति बहुत अधिक बढ़ जाती है।



