भारतीय shooter और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता मानु भाकर ने एशियन गेम्स से जुड़ी चालू बहस-बातों को नज़रअंदाज करते हुए भारतीय क्रीड़ाकों से अपने सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए कहा है। उनकी यह बात उस समय सामने आई है जब भारतीय प्रतिभागी कई संगठनात्मक और प्रशासनिक कठिनाइयों से परेशान हैं।
दो ओलिंपिक खेलों में भारत की代表 रही और कई एशियाई चैम्पियनशिप में भाग ले चुकी भाकर ने जोर देकर कहा कि क्रीड़ाकों की एकमात्र प्राथमिकता परिस्थितियों के बावजूद शीर्ष स्तर का प्रदर्शन करना है। उन्होंने ऐसी चिंताओं को वैध बताया लेकिन सावधानी बरतते हुए कहा कि इन बातों पर ज्यादा समय बिताना उन अवसरों से ध्यान भटका सकता है जिनके लिए क्रीड़ाकों ने वर्षों तक मेहनत की है।
यह कथन भारतीय contingent के व्यापक भावना को दर्शाता है, जहाँ shooter, athletics, wrestling सहित कई खेलों के प्रतिभागी व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। हालांकि प्रत्येक शिकायत की सटीक प्रकृति सार्वजनिक रूप से हमेशा स्पष्ट नहीं हुई है, लेकिन डेलिगेशन के भीतर सामान्य भावना एक ऐसी विचलन की रही है जिसने तैयारी और प्रतिस्पर्धा से ध्यान हटाने का काम किया है।
भागिक रूप से अपने अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपलब्धियों और उच्च दबाव में प्रदर्शन के अनुभव के कारण भाकर की बात विशेष महत्व रखती है। उन्होंने सलाह को एक मानसिक दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया — नियंत्रित करने योग्य चीजों पर ध्यान दें न कि जो आपके नियंत्रण से बाहर है — और इस प्रकार उन्होंने कठिनाइयों के बावजूद एकाग्रता बनाए रखने के खेल के लंबे परंपरा से खुद को जोड़ा।
भारतीय ओलंपिक परिषद और खेल मंत्रालय एशियन गेम्स आयोजकों के साथ क्रीड़ाकों द्वारा उठाई गई शिकायतों को दूर करने के持续 संपर्क में हैं। दूसरी ओर, प्रतिभागी प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा जारी रख रहे हैं, आशा करते हुए कि मैदान के परिणाम पीछे चल रही किसी भी असहमति से ऊपर उठ जाएंगे।


