एक 45 वर्षीय व्यक्ति जिसने अपने पोते की हत्या के मामले में उम्र कैद की सज़ा काट रहा था, अब अपनी पत्नी की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी बना दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह उसे उसकी ही पत्नी का शव उनके घर में मिला, जिस पर त्रिशूल से गहरा चोट लगने के लक्षण पाए गए।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने इस घटना की तुरंत किसी को जानकारी नहीं दी और उसने रात भर शव के पास ही बिता दी। अगली सुबह जब वह आस-पास रहने वाले रिश्तेदारों को इस बारे में बताने गया, तो स्थिति संदिग्ध लगने पर उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। जांच अधिकारियों ने बताया कि रिपोर्ट में देरी और घावों की प्रकृति को देखते हुए हत्या के रूप में मामले को दर्ज किया गया।

आरोपी पहले भी अपने पोते की हत्या के मामले में दोषी पाए जा चुके हैं और इस मामले में उम्र कैद की सज़ा सुनाई गई थी, जो उस समय क्षेत्र में काफी चर्चा का विषय बनी थी। वर्तमान में वे लगभग 60 किलोमीटर दूर ज़िला जेल में अपनी सज़ा भोग रहे थे। पुलिस ने पुष्टि की कि उन्हें बुधवार को न्यायीक हिरासत में भेजा गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

जांच टीम अब यह पता लगाने में लगी है कि क्या दोनों मामले आपस में जुड़े हुए हैं या फिर घरेलू हिंसा का एक सिलसिला है। इस महिला की पहचान 38 वर्षीय सुनीता देवी के रूप में हुई है, जिनकी कोई criminal record नहीं थी और पड़ोसियों ने बताया कि वे विवाह से पहले स्कूल की शिक्षिका थीं। उनकी परिवार ने शिकायत में आरोप लगाया है कि शादी के बाद से वे लगातार घरेलू हिंसा और धमकी भरे व्यवहार से जूझ रही थीं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विशेष जांच टीम द्वारा मामले की जांच की जा रही है और 15 दिनों के भीतर चार्जशीट तैयार कर दी जाएगी। फोरेंसिक विशेषज्ञ अभी भी मौके से अतिरिक्त सबूत एकत्र कर रहे हैं, और पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है।