अक्टूबर 2024 में चल रहे हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच हो रहे खूनखराब में एक नई और बहुत ही भयावह मोड़ आया जब लैबनान के ईरान समर्थित मिलिटिया ने इजरायल की दिशा में 135 मिसाइलों का एक विशाल सलामी हमला बोल दिया। इस हमले में इजरायल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफा को प्राथमिक लक्ष्य बनाया गया, जहाँ रातोंरात मिसाइलें गिरने लगीं और सुरक्षा एलर्ट बढ़ गया।

इजरायली रक्षा विभाग के अनुसार, ये मिसाइलें मुख्य रूप से हाइफा के निजी और औद्योगिक इलाकों की ओर लक्षित की गई थीं। आकाश में मिसाइलों के धमाके से शहर में बेचैनी फैल गई और नागरिक सुरक्षित स्थलों की ओर भागे। इजरायली सुरक्षाबलों ने तेजी से प्रतिक्रिया दी, लेकिन हाइफा पर यह हमला इतिहास में सबसे भयानक हमलों में से एक माना जा रहा है।

दोपहर के समय तक, इजरायली सेना ने लेबनान की सीमा पार कर अपने जवाबी हमले शुरू कर दिए। सूत्रों के अनुसार, महज 60 मिनट के भीतर इजरायली वायुसेना ने 120 से अधिक लक्ष्यों पर सटीक हमले किए, जिनमें हथियार भंडार, कमांड पोस्ट और प्रशिक्षण केंद्र शामिल थे।

विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला इजरायल-हिजबुल्लाह संघर्ष का एक बदलाव संकेत कर रहा है, जहाँ दोनों पक्ष अब केवल सीमा रेखा पर नहीं, बल्कि एक-दूसरे के बड़े शहरों पर हमले कर रहे हैं।

हाइफा इजरायल का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह और आर्थिक केंद्र है, इसलिए यहाँ पर हमला करने का उद्देश्य आर्थिक और मनोवैज्ञानिक दोनों तरह से नुकसान पहुँचाना बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बढ़ती हिंसकता से चिंता व्यक्त की जा रही है, क्योंकि क्षेत्र में एक व्यापक युद्ध छिड़ने का खतरा पैदा हो गया है।